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मंत्री को बुलाकर स्वागत किए, अब बैठ गई जांच

गाजीपुर। मनिहारी ब्लाक में हुए मनरेगा के कार्य और उनके भुगतान की जांच होगी। सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्त ने इसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में दो अवर अभियंता भी शामिल हैं।

जांच के दायरे में लॉकडाउन अवधि में हुए मनरेगा के कार्य और भुगतान शामिल है। जांच के इस आदेश से जहां संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है वहीं सियासी हलके में भी हलचल मच गई है।

मालूम हो कि बीते 28 दिसंबर को ब्लाक प्रमुख प्रियंका सिंह के पति योगेंद्र सिंह ने ब्लाक मुख्यालय परिसर में भव्य समारोह आयोजित कर प्रदेश सरकार के समग्र ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह को आमंत्रित किए थे। उस मौके पर मंत्रीजी ने प्रियंका सिंह के कार्यों, उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मुक्त कंठ से उन्हें सराहा भी था।

उस समारोह को महीना भर भी नहीं बीते कि प्रियंका सिंह की अगुवाई में हुए कार्यों की सीडीओ ने जांच बैठा दी। सियासी हलके में इसकी पीछे की कई कहानी भी सुनी सुनाई जा रही है। उनमें एक कहानी यह भी बताई जा रही है कि भाजपा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के पैतृक गांव बरहट में मनरेगा के तहत खोदे गए पोखरों में घोर अनियमितता  की है और उन्हीं की शिकायत पर प्रशासन हरकत में आया है।

भाजपा में जिलाध्यक्ष की शिकायत और प्रशासन की कार्रवाई की गूंज भाजपा में भी है। दरअसल मनिहारी ब्लाक प्रमुख के पति योगेंद्र सिंह भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल के बेहद करीबी माने जाते हैं। इस दशा में भी भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह को माफीनामा क्यों नहीं दे रहे हैं। यह तो नहीं मालूम लेकिन इसके साथ ही यह देखना भी रोचक होगा कि सियासी बिसात में चल रहे शह और मात के खेल में कौन किस पर बीस पड़ेगा।

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