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लेखपाल ने हड़प ली मुआवजे की करोड़ों की रकम, अब गया सलाखों के पीछे

गाजीपुर। एक लेखपाल ने फर्जीवाड़ा कर मुआवजे की रकम हड़प ली। इस मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की वाराणसी इकाई ने लेखपाल मोहम्मद फरीद को गिरफ्तार कर ली है। वह गाजीपुर के खानपुर थाने के घोघवा गांव का रहने वाला है और मऊ जिले के घोसी तहसील के हेमई अमला हलके में तैनात है।

मामला वित्तीय साल 2016-17 का है। एनएचआई-29 के मऊ से गोरखपुर के विस्तारीकरण के लिए घोसी तहसील के हेमई अमिला स्थित श्री ब्रह्म बाबा जूनियर हाईस्कूल की भूमि अधिग्रहित की गई थी। उसके एवज में स्कूल के प्रबंधक के नाम बतौर मुआवजा एक करोड़ एक लाख 38 हजार 200 रुपये का चेक कटा।

बस यहीं लेखपाल ने अपना शातिर दिमाग लगाया और स्कूल के प्रबंधक के रूप में सीसी फार्म पर अपने परिचित आजमगढ़ के कंधरापुर थाने के जमीन फरेंदा निवासी बबलू मौर्य की फोटो, हस्ताक्षर, शपथ पत्र, हिस्सा प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, बैंक पासबुक, आधार कार्ड वगैरह को प्रमाणित करा कर मुआवजे की पूरी रकम का चेक उसको प्राप्त करवा दिया। वह सरकारी रकम कार्पोरेशन बैंक मऊ में बबलू मौर्य के खाते में चली गई।

यह मामला तब खुला जब स्कूल के प्रबंधक ने मुआवजे की रकम की मांग उठाई। उसके बाद बैंक के ब्रांच मैनेजर दीपक सुमन ने एफआईआर दर्ज कराई। बबलू मौर्य को मऊ की घोसी पुलिस गिरफ्तार की। उसी बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने पूरे प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी। उस जांच में मय दस्तावेजी साक्ष्य लेखपाल मोहम्मद फरीद की पूरी कारस्तानी सामने आई।

इधर लेखपाल की गिरफ्तारी की खबर से उसके गांव घोघवा के लोग हैरान हैं। उनका कहना है कि करीब चार साल से उसके ठाठ-बाट बढ़ तो जरूर गए थे लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी रकम का गड़बड़ घोटाला किया है। मोहम्मद फरीद की गिरफ्तारी शनिवार को हुई। इस कार्रवाई के लिए ईओडब्ल्यू की टीम शनिवार को मऊ पहुंची थी। टीम में दो इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा तथा विंध्यवासिनी मणि त्रिपाठी शामिल थे।

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