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अरुण सिंह की जमानत अर्जी मंजूर, साढ़े छह साल बाद होगी रिहाई

गाजीपुर। जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और गाजीपुर के बड़े जनाधार वाले नेता अरुण सिंह के समर्थकों, कार्यकर्ताओं के लिए गुरुवार सुखद दिन रहा। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने अरुण सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

करंडा की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रजावती देवी के पति अमरनाथ यादव की हत्या के आरोप में अरुण सिंह को वाराणसी पुलिस 30 जनवरी 2016 को गिरफ्तार की थी। उसके बाद से वह नैनी जेल में निरुद्ध थे।

हालांकि अरुण सिंह के समर्थक शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनके नेता को राजनीतिक साजिश के तहत उस हत्या में फंसाया गया। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। उस मामले में मकतूल के बेटे ने अपनी एफआईआर में अरुण सिंह का नाम नहीं डाला था। बावजूद उस हत्या के मामले में पुलिस तत्कालीन सपा सरकार के दबाव में अरुण सिंह को गिरफ्तार की और साजिशकर्ता करार देते हुए उनके विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।

हाईकोर्ट में अरुण सिंह की यह दूसरी जमानत अर्जी थी। पहली अर्जी खारिज हो गई थी। उसी बीच वाराणसी की सेशन कोर्ट में इस मामले का ट्रायल भी शुरू हो गया। हालांकि कोर्ट ने 2018 में अरुण सिंह को बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए पैरोल पर कुछ दिन के लिए रिहाई दी थी। अब जबकि उनकी जमानत अर्जी मंजूर हो गई है तो उनके समर्थक इसे सत्य की जीत बता रहे हैं। उनके प्रबल समर्थक और वरिष्ठ व्यापारी नेता श्रीप्रकाश केशरी गुड्डू ने कहा कि उनको शुरू से विश्वास रहा है कि हाईकोर्ट एक दिन उनकी जमानत अर्जी मंजूर करेगा और यह भी पक्का भरोसा है कि सेशन कोर्ट भी अरुण सिंह को हत्या के आरोप से एक दिन बाइज्जत बरी कर देगा।

उधर जमानत अर्जी मंजूर होने की खबर के बाद अरुण सिंह के समर्थक उनके गाजीपुर आवास और पैतृक गांव नारी पंचदेवरा पहुंच कर एक दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी प्रकट किए। उस मौके पर अरुण सिंह के रिश्तेदार और करंडा की ग्राम पंचायत सिंकदरपुर के प्रधान राजेश सिंह गुड्डू ने कहा कि यह सत्य की विजय है और एक बार फिर राजनीति में अरुण सिंह की धमाकेदार इंट्री होगी।

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