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शेरपुर में स्वतंत्रता सेनानियों की श्रृंखला की आखिरी कड़ी कालका उपाध्याय पंचतत्व में विलीन

गाजीपुर। क्रांतिकारी गांव शेरपुर के रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी कालिका उपाध्याय (104) बुधवार की सुबह पंचतत्व में विलीन हो गए। उसके पूर्व शासन की ओर से तहसीलदार मुहम्मदाबाद ने पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय तिरंगा ओढ़ाया और पुष्प चक्र अर्पित किया। पुलिस के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर उन्हें अंतिम विदाई दी। पुलिस टीम की अगुवाई सीओ कासिमाबाद महिपाल पाठक ने की।

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दाह संस्कर शेरपुर के गंगा घाट पर हुआ। उस मौके पर मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय और उनके पुत्र पीयूष राय के अलावा शेरपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ललन राय, पूर्व प्रधान जेपी राय, विद्यासागर गिरि, ओमप्रकाश राय मुन्ना सहित सैकड़ों लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन के इस अंतिम योद्धा को अश्रु पूर्ण विदाई दी।

स्वतंत्रता आंदोलन के वक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अति करीबी रहे कालिका उपाध्याय कई बार जेल गए। एक बार भरी अदालत में ब्रितानी जज से अंग्रेजी में हुई बहस को लोग आज भी उनकी दिलेरी और देशभक्ति की चर्चा में उद्धृत करते हैं। उस बहस से तिलमिलाए ब्रितानी जज ने उन्हें दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। बावजूद कालिका उपाध्याय रंच मात्र भी विचलित नहीं हुए थे।

कालिका उपाध्याय ने शेरपुर कला स्थित अपने आवास पर मंगलवार की शाम करीब तीन बजे अंतिम सांस ली थी। वह काफी दिनों से अवस्थाजनित रोगों से पीड़ित थे। उन्हें मुखाग्नि उनके पौत्र पिंटू उपाध्याय ने दी।

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