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लखनऊ शूट आउटः गाजीपुर में हुआ अजीत सिंह का दाह संस्कार, इकलौते बेटे अविरल ने दी मुखाग्नि

गाजीपुर। लखनऊ शूट आउट में मारे गए अजीत  सिंह का दाह संस्कार गुरुवार की रात गाजीपुर श्मशान घाट पर हुआ। मुखाग्नि उनके इकौलते सात वर्षीय पुत्र अविरल सोनू ने दी। एहतियातन गाजीपुर के प्रभारी शहर कोतवाल सलील स्वरूप आदर्श मय फोर्स मौके पर मौजूद थे।

अजीत सिंह का लखनऊ में पोस्टमार्टम हुआ। लखनऊ पुलिस ने दाह संस्कार के लिए शव को परिवारीजनों को सौंप दिया। हालांकि लखनऊ पुलिस की पहली कोशिश थी कि शव का दाह संस्कार लखनऊ में ही हो जाए लेकिन उसके परिवारीजन दाह संस्कार पैतृक गांव पर ही करने की बात पर अड़ गए। आखिर में परिवारीजन शव लेकर देरशाम पैतृक गांव देवसीपुर थाना गोहना मुहम्मदाबाद जिला मऊ के लिए चले। रात करीब 12 बजे शव पैतृक गांव पहुंचा। शव आने की खबर मिलने के बाद ही वहां अजीत के नातेदारों, परिचितों, शुभेच्छुओं की भीड़ लग गई। एहतियात के तौर पर वहां गोहना-मुहम्मदाबाद थाने के साथ ही आसपास के थानों की फोर्स और अधिकारी भी जम गए थे। शव के साथ लखनऊ पुलिस भी थी। पैतृक गांव से शव दाह संस्कार के लिए गाजीपुर श्मशान घाट पर रात करीब ढाई बजे पहुंचा। शव के साथ काफी संख्या में लोग आए थे। मऊ पुलिस के भी जवान काफी संख्या में थे।

मालूम हो कि बुधवार की रात लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाके गोमतीखंड खंड में बेखौफ बदमाशों ने अजीत सिंह को गोलियों से भून दिया था जबकि उनके साथी मोहर सिंह घायल हो गया था। उस मामले में आजमगढ़ का कुख्यात माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह भी नामजद किया गया है। किसी वक्त में अजीत सिंह भी कुंटू सिंह के लिए काम करते थे। वह गोहना-मुहम्मदाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर रहे हैं। उनके विरुद्ध मऊ समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कुल करीब 27 मामले दर्ज रहे हैं। डीएम मऊ ने कुछ दिनों पहले अजीत सिंह को गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर भी किया था। अजीत सिंह की पत्नी रानू सिंह साल 2010 में गोहना-मुहम्मदाबाद की ब्लाक प्रमुख चुनी गई थीं।

अजीत सिंह की ससुराल गाजीपुर के शादियाबाद थाने के बसेंवा गांव में है जबकि उनके परिवार की छावनी मरदह थाने के बोगना गांव में है।

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