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यूपी बोर्डः परीक्षा केंद्र निर्धारण में छात्राओं की सहूलियत पर खास जोर

गाजीपुर। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में यूपी बोर्ड छात्राओं की सुविधाओं का खास ख्याल रखेगा। जहां राजकीय,  अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और वित्तविहीन बालिका विद्यालयों को केंद्र निर्धारण की अनिवार्य अर्हताएं पूरी करने पर पहली बार प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी है।

वहीं जिस विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। वहां की छात्राओं के लिए वह विद्यालय स्वकेंद्र होगा जबकि उस विद्यालय के छात्रों का परीक्षा केंद्र कहीं अन्यत्र होगा। हालांकि छात्राओं के लिए यह सुविधा पूर्व के वर्षों में भी रही है। छात्राओं के विद्यालयों के परीक्षा केंद्र बनने पर छात्र परीर्थियों का आवंटन नहीं होगा। बावजूद जहां छात्राओं के लिए स्व परीक्षा केंद्र की सुविधा संभव नहीं होगी वहां छात्राओं के लिए अधिकतम पांच किलोमीटर की परिधि के परीक्षा केंद्र पर उनका आवंटन होगा।

बोर्ड से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र ने यह भी बताया कि इस बार उन विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का निर्णय हुआ है, जिनकी खिड़की सार्वजनिक सड़क या फिर संकरी गली में खुलती होगी। वैसे इस मामले में राजकीय एवं एडेड विद्यालयों को इसमें छूट दी जाएगी। इसी क्रम में जिन वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधन व प्रधानाचार्य के बीच विवाद होगा उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी प्रबंधकीय विवाद होने तथा प्राधिकृत नियंत्रक न होने पर भी स्कूलों का केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

इधर डीआईओएस गाजीपुर ओपी राय ने बताया कि परीक्षा केंद्र के लिए विद्यालयों के भौतिक सत्यापन कर पूरा विवरण बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। उसके लिए अंतिम तारीख 26 दिसंबर थी। अब बोर्ड तय करेगा कि किस विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाना है। बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कर उसकी सूची 11 जनवरी को जारी करेगा। उसके बाद उन केंद्रों पर आपत्ति, दावे लिए जाएंगे और फिर जिला स्तर पर उनका निस्तारण होगा। उसके बाद निस्तारण की पूरी कार्यवाही से बोर्ड को ऑनलाइन अवगत कराया जाएगा। उसके बाद बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची का अंतिम प्रकाशन करेगा।

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