अपराधब्रेकिंग न्यूज

बहनोई ने साले के सीने में उतार दी गोली, मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने हमलावर दो भाइयों को पीट-पीट कर किया अधमरा, वाराणसी रेफर

गाजीपुर। नंदगंज थाने के गांव मड़ई दवपुर में चचेरे बहनोई ने साले के सीने में पिस्टल की दो गोली उतार दी। साले अवधेश यादव (43) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना बुधवार की सुबह करीब आठ बजे हुई। मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने बहनोई बृजेश यादव (30) तथा उसके भाई किशन (26) को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। उन्हें वाराणसी रेफर किया गया है। वह करंडा थाने के नारी पचदेवरा गांव के हैं। घटना के कुछ ही देर बाद मौके पर पुलिस कप्तान डॉ.ओमप्रकाश सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी और अगल-बगल के थानों की फोर्स भी पहुंच गई थी।

अवधेश यादव अपनी पटीदारी में मृत महिला के दशवां संस्कार में शामिल थे। उसी बीच बृजेश यादव और उसका भाई किशन पहुंचे। बृजेश ने अवधेश के छोटे बेटे अभिषेक गोलू को नाहक पीट दिया। बेटे की चीख सुनकर अवधेश मौके पर पहुंचे और बृजेश को टोके। तब बृजेश पिस्तौल निकाला और अवधेश के सीने में दो गोली उतार दिया। अवधेश गिर पड़े। उसके बाद दोनों हमलावर भाई मौके से भागने लगे। यह देख मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को दौड़ा कर पकड़ लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। उधर कुछ लोग लहूलुहान पड़े अवधेश को लेकर जिला अस्पताल के लिए चले लेकिन रास्ते में ही उनका दम टूट गया। गुस्साए ग्रामीण उसके चार पहिये वाहन के शीशे वगैरह तोड़ दिए थे।

यह भी पढ़ें–अब सकरा में ठांय-ठांय, प्रॉपर्टी डीलर के बेटे को लगी गोली

सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों के चंगुल से दोनों हमलावर भाइयों को छुड़ा कर जिला अस्पताल भेजी। जहां स्थिति गंभीर देख उन्हें बीएचयू रेफर कर दिया गया। पुलिस घटनास्थल में इस्तेमाल असलहा के साथ ही हमलावर की चार पहिया अपने कब्जे में ले ली है।

हत्या का कारण जमीन विवाद

अवधेश यादव की हत्या जमीन विवाद का परिणाम है। पुलिस कप्तान डॉ.ओमप्रकाश सिंह ने भी मीडिया कर्मियों से बातचीत में यह बात कही। ग्रामीणों ने भी बताया कि अवधेश यादव के सगे चाचा शोभनाथ यादव से जमीन का विवाद चल रहा है। उसको लेकर शोभनाथ का दामाद बृजेश यादव अवधेश से रंजिश रखने लगा था। अवधेश के बेटे ने बताया कि मंगलवार की रात में भी बृजेश अपने साथियों को लेकर उनके घर धमका था। वह सभी हॉकी-डंडे से लैश थे। संयोग से उस वक्त अवधेश घर नहीं थे। ग्रामीणों ने बताया कि बृजेश का ससुराल में आना-जाना था। वह किसी न किसी से नाहक उलझता रहता था। इसी तरह कुछ दिन पहले गांव के ही एक अन्य उमा यादव संग झगड़ गया था और सीधे उनके मुंह में पिस्तौल घुसेड़ दिया था।

 

Related Articles

Back to top button
AllEscortAllEscort