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बस कंडक्टर की मौत और क्लिनर जख्मी, घटना रौजा बस स्टैंड की

गाजीपुर। रौजा बस स्टैंड पर चली गोली से बस कंडक्टर रामकवल यादव (50) की मौत हो गई जबकि क्लिनर संजय गांधी यादव (40) घायल हो गया। घटना शनिवार की देर शाम करीब साढे सात बजे की है। मृत रामकवल आजमगढ़ जिले के सिधारी थाने के चकभाई खान गांव का रहने वाला था। घायल संजय भांवरकोल थाने के सुखडेहरा गांव का रहने वाला है। घटना में जिस पिस्टल से गोली चली उसका लाइसेंसधारक बस मालिक दानियाल खान उर्फ अंशु ने शहर कोतवाली में मय पिस्टल सरेंडर कर दिया है।

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गोली चलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह सरासर हत्या का मामला है लेकिन अंशु के घरवाले इसे महज इत्तेफाक बता रहे हैं। इस मामले में पुलिस फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस को कोई तहरीर भी नहीं मिली है।

गोली चलने के बाद मौके पर मौजूद लोग कंडक्टर और क्लिनर को जमानियां मोड़ स्थित सिंह हॉस्पिटल ले गए। जहां कंडक्टर को मृत घोषित कर दिया गया और क्लिनर को जिला अस्पताल भेजा गया। गोली उसके कंधे को छूकर निकल गई थी। उसे रविवार की शाम तक अस्पताल से छुट्टी भी मिलने की उम्मीद है। कंडक्टर के सीने पर गोली लगी थी। यह भी साफ नहीं है कि गोली सिंगल चली थी या डबल।

पुलिस कप्तान डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने मिली शुरुआती जानकारी के हवाले से बताया कि किसी भरत नाम के व्यक्ति से कंडक्टर रामकवल का रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर बस मालिक मौके पर पहुंचा और उसी बीच उसकी पिस्टल से गोली चली। पुलिस कप्तान ने कहा कि विवेचना में यह पता चलेगा कि गोली चलाई गई या संयोगवश चली। हालांकि वह यह भी जोड़े कि गोली खुद चल गई तब भी यह लापरवाही का मामला बनता है और पिस्टल का लाइसेंस निरस्त होगा। लाइसेंसधारक जेल भी जाएगा। उसे हिरासत में लेने के साथ ही पिस्टल जप्त कर ली गई है।

…और फिर सुर्खियों में खान परिवार

गाजीपुर। रौजा बस स्टैंड पर गोली चलने की घटना से एक बार फिर खान परिवार सुर्खियों में आ गया है। इसके पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें गोली चलने और मौत, जख्मी होने की कहानी शामिल रही है और उनको लेकर खान परिवार सुर्खियों में आता रहा है लेकिन उन मामलों में खान परिवार ‘बाइज्जत’ रहा। डेढ़ दशक पहले टाउनहाल मैदान में युवक इदु कुरैशी की दिनदहाड़े हत्या, उसके बाद शहर के ही सुहासिनी टॉकिज गली में दर्जी की हत्या फिर साल 2013 में प्रकाश टॉकिज चौराहे पर बरबरहना के युवक मुहम्मद उमर पर फायरिंग की घटना में खान परिवार सुर्खियां बटोरा था। इनके अलावा टाउनहाल मुहल्ले के रहने वाले खान परिवार के युवक इमरान खान की घर में ही गोली लगने से मौत हो गई थी। उसको भी लेकर कई बातें उठी थीं लेकिन आखिर में पुलिस उसे खुदकुशी करार दी थी और अब कहा जा रहा है कि बस कंडक्टर की मौत के मामले में भी खान परिवार का कुछ नहीं बिगड़ेगा। परिवार का मुख्य धंधा बसों का संचालन है। परिवार की बसें मुख्यत: गाजीपुर-भरौली (बलिया) मार्ग पर खान बस सर्विस के नाम से चलती हैं। मृत बस कंडक्टर रामकवल खान परिवार की सेवा में करीब ढाई दशक से लगा था।    

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