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डीपीआरओ का प्रभार एडीपीआरओ को सौंपा गया, गुलदस्ता भेंट कर ग्राम प्रधानों ने रमेश उपाध्याय का किया स्वागत

गाजीपुर। आखिर डीपीआरओ का प्रभार 36वें दिन मंगलवार को एडीपीआरओ रमेशचंद्र उपाध्याय ने संभाल लिया। ग्राम प्रधान इसे अपनी उपलब्धि मान रहे हैं और डीपीआरओ ऑफिस में पहुंच कर श्री उपाध्याय को गुलदस्ता भेंट किए।

श्री उपाध्याय को यह प्रभार पंचायत राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के बीते आठ अक्टूबर को दिए गए आदेश के क्रम में सौंपा गया है। आदेश के तहत श्री उपाध्याय के पास डीपीआरओ का सिर्फ प्रशासनिक अधिकार होगा जबकि वित्तीय अधिकार वरिष्ठ कोषाधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह देखेंगे।

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मालूम हो कि बहुचर्चित कोरोना किट घोटाला कांड में शासन ने बीते सात सितंबर को डीपीआरओ अनिल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। शासन की इस कार्रवाई को उनके विरुद्ध आंदोलनरत ग्राम प्रधानों ने अपनी बड़ी उपलब्धि मानी थी। हालांकि अनिल सिंह के निलंबन के बाद डीपीआरओ के पद पर किसी की स्थाई नियुक्ति नहीं हुई और अब जबकि डीपीआरओ का प्रभार एडीपीआरओ को सौंपा गया है तो इसे ग्राम प्रधान भले अपनी उपलब्धि के खाते में जोड़ें लेकिन विभागीय सूत्रों की मानी जाए तो ग्राम पंचायतों में सरकार की प्राथमिकता वाले कार्य सामुदायिक शौचालयों तथा पंचायत भवनों के निर्माण कार्य को गति देने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। डीपीआरओ का प्रभार संभालने वाले रमेशचंद्र उपाध्याय पहले भी यह पद संभाल चुके हैं। तब एक मामले में हुए घोटाले के मुद्दे को ग्राम प्रधानों ने प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद ही डीपीआरओ का प्रभार उनसे छीन लिया गया था और शासन ने डीपीआरओ पद पर स्थाई नियुक्ति करते हुए अनिल सिंह को भेजा था।

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