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…और अपने पूर्व साथी अमेरिका प्रधान को नहीं भूले बसपाई

देवकली (गाजीपुर)। पूर्व विधायक अमेरिका प्रधान (50) अब नहीं रहे। वह अपने पैतृक गांव धरवां में सोमवार की  सुबह अंतिम सांस लिए। शाम को चकेरी घाट पर उनका दाह संस्कार हुआ। उसके पूर्व पुलिस की गारद उन्हें अंतिम सलामी दी। मुखाग्नि उनके इकलौते पुत्र राजन  ने दी।

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अमेरिका प्रधान काफी दिनों से कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज मेदांता गुरुग्राम में चल रहा था लेकिन डॉक्टरों ने आखिर में जवाब दे दिया। शनिवार को उनको गांव धरवां लाया गया था।

अमेरिका प्रधान ने राजनीति की शुरुआत अपनी ग्राम पंचायत धरवां से की थी। वह लगातार तीन बार ग्राम प्रधान चुने गए थे। उसी बीच वह बसपा से जुड़ गए थे। साल 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर सादात सुरक्षित सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में सादात सीट का वजूद खत्म हो गया और नए परिसीमन में उस क्षेत्र का एक हिस्सा जखनियां और दूसरा हिस्सा सैदपुर विधानसभा क्षेत्र में समाहित कर दिया गया। उसके बाद 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में अमेरिका प्रधान ने सैदपुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए बसपा में दावेदारी की लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। उसको लेकर अमेरिका प्रधान का बसपा से मन उचटने लगा और वह भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उनको सैदपुर सीट से टिकट देगी लेकिन वहां भी उनको निराशा ही मिली थी। वह अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों तक भाजपा में ही बने रहे। उनकी अंतिम विदाई पर भाजपा के जिला महामंत्री प्रवीण सिंह, जिला मंत्री दयाशंकर पांडेय, कोषाध्यक्ष अच्छेलाल गुप्त, मंडल अध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, एमएलसी प्रतिनिधि पप्पू सिंह आदि थे लेकिन अमेरिका प्रधान के लिए बसपाइयों में कुछ ज्यादा ही श्रद्धाभाव दिखा।

बसपा के विधानसभा क्षेत्र से लगायत जिला और जोनल स्तर तक के पदाधिकारी, नेता, कार्यकर्ता अपने पूर्व साथी को अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। उनमें फैजाबाद जोन के कोआर्डिनेटर त्रिभूवन दत्त, पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा वगैरह प्रमुख थे। प्रशासन की ओर से सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार, सीओ महिपाल पाठक भी मौजूद थे।

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