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ईंट भट्ठे से मुक्त कराई गईं बंधुआ दो महिला मजदूर

गाजीपुर। ईंट भट्ठे से मंगलवार की सुबह दो बंधुआ महिला मजदूरों को मुक्त कराया गया। उनके साथ एक मासूम बालक भी था। श्रम विभाग ने पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। दोनों महिला मजदूर लक्ष्मी (40) पत्नी अंगद यादव और मोहनमति (45) पत्नी स्व. शंभू यादव रिश्ते में समधन हैं और छत्तीसगढ़ के विलासपुर के पंचपेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई हैं। इस मामले में भट्ठा संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।

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ईंट भट्ठा थाना करंडा के रसूलपुर फरीदचक गांव में है। भट्ठे की मालकिन उसी गांव की आशा देवी पत्नी सुरेंद्र यादव हैं। इनकी फर्म का नाम शिवम ईंट भट्ठा है।

श्रम विभाग के प्रवर्तन अधिकारी लईक अहमद ने बताया कि मानवाधिकार आयोग से दोनों महिला मजदूरों के संबंध में सूचना मिली थी। दोनों महिलाओं को लॉकडाउन से पहले 15 मार्च को बुलाया गया था। लगातार तीन माह तक काम कराने के बावजूद उन्हें मजदूरी नहीं दी गई। बल्कि उल्टे उनको डरा धमका कर उनसे काम लिया जाता रहा। महिलाओं ने घर लौटने की बात कही तो उन्हें साफ मना कर दिया गया। लक्ष्मी के साथ उनका चार साल का बेटा भी था।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी लईक अहमद ने बताया कि डीएम ओमप्रकाश आर्य के निर्देश पर वह अपनी टीम और पुलिस बल के साथ उस ईंट भट्ठे पर पहुंचे थे। मौके पर मिले आशा देवी के पति सुरेंद्र यादव ने अपनी सफाई देते हुए बताया कि लक्ष्मी का बेटा उनसे अग्रिम मजदूरी वसूल कर गया था। उन्होंने दोनों महिला मजदूरों को बंधक बनाने के आरोप से भी इन्कार किया। लईक अहमद ने बताया कि इस मामले में भट्ठा संचालक के विरुद्ध एफआईआर की कार्रवाही की जा रही है।  

…और श्रम प्रवर्तन अधिकारी को फोन पर धमकी

श्रम प्रवर्तन अधिकारी लईक अहमद ने बताया कि कार्रवाई के बाद से ही उनको 8115597045 नंबर से फोन कर बार-बार धमकी दी जा रही है।

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